महेश वर्मा चैम्प कैश युवाओ के प्रेरणा स्रोत्र का निधन

0
897
champ cash mahesh verma death
champ cash mahesh verma

महेश वर्मा चैम्प कैश ( Mahesh Verma – Champcash) के मैनेजिंग डायरेक्टर, जो महज 31 वर्ष के थे, जिनकी आज 2 नवम्बर 2017 को अचानक म्रत्यु की खबर आई , यह एक ह्रदय विदारक खबर मानो जैसे भारतीय नेटवर्क मार्केटिंग ने अनमोल रत्न या बेशकीमती हीरे को खो दिया है | अभी महज 3 महीने पहले ही मेरी मुलाकत महेश वर्मा से हुई थी उनके करनाल ऑफिस मैं, मेरे कुछ परिचित नेटवर्क मार्केटिंग के सहयोगियो ने मुझे काफी दिनों से उनसे मिलने के लिए प्रेरित किया और मैं भी इस युवा होनहार मिलने के लिए आतुर था और उसके बारे मैं थोडा बहुत गहरायी से जानने का इस्चुक था तो सहज ही चल दिया|

महेश वर्मा और उसके कार्य से तो पूरा देश वाकिफ है की कैसे करनाल जैसे छोटे शहर के इस युवा ने बिना किसी से पैसे लिए नेटवर्क मार्केटिंग के सहारे लाखो करोडो लोगो तक अपनी पहुच बनायीं, लाखो लोगो को बिना किसी लागलपेट के रोजगार दिया| आज चैम्प कैश के साथ लगभग २ करोड़ मोबाइल उपभोक्ता 3-4 साल मैं जुड़े है जो आज अगर देश की 10 बड़ी कंपनियों को 1 साथ जोड़ दे तब भी उनके साथ जुड़े लोगो की संख्या उतनी नहीं होगी जितनी चैम्प कैश या महेश वर्मा के साथ जुड़े लोगो की है | यह अपने आप मैं एक बहुत बड़ा कीर्तिमान है जो महेश वर्मा की अथक महनत और कार्य कुशलता का प्रमाण है |

champ cash mahesh verma death
champ cash mahesh verma

Custom Text

नेटवर्क मार्केटिंग को देश मैं जहा लूट खसूट और धोखे का व्यापार समझा जाता है और माना जाता है 1 रूपये की चीज़ को 10 मैं बेचो और 5 रुपया नेटवर्क में डिस्ट्रीब्यूट करो और 4 अपनी जेब मैं डालो और यह काम देश की हर छोटी बड़ी नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी कर रही है उससे बिलकुल अलग एक ऐसी सोच के साथ महेश वर्मा ने चैम्प कैश की नीव राखी की कुछ ऐसा किया जाये की किसी से पैसे न लिए जाये और लोगो को बिना पैसे लगाये पैसे कमाने का रास्ता हो|

ऐसा संभव हुआ Affiliate Marketing के जरिये| इस मार्केटिंग पढ़ती मैं बड़ी एडवरटाइजर कंपनिया उन वेबसाइट और ब्लोग्गेर्स को अपनी वेबसाइट तक ट्रैफिक लाने का पैसा देती है जो वेबसाइट या ब्लोगेर्स अपनी वेबसाइट के विजिटर को अपने पेज पर दूसरी कंपनियों के विज्ञापन प्रकाशित करने देती है जिससे उन वेबसाइट के विजिटर्स जिनकी संख्या लाखो करोड़ो मैं होती है उस विज्ञापन की मदत से उन वेबसाइट तक पहुच जाते है और जितने भी विजिटर्स उन वेबसाइट पर जाते है उनके हर विजिटर के हिसाब से विजापन देने वाली कंपनी उस वेबसाइट या ब्लागेर को पैसा देती है |

मोबाइल स्मार्ट फोने क्रांति के दौर मैं विगेपन आमदनी मैं 100 गुना की वृद्धि हो गयी क्योकि अब हर बड़ी कंपनी चाहती है की उसी मोबाइल एप्लीकेशन ज्यादा से ज्यादा लोगो के मोबाइल मैं डाउनलोड रहे ताकि वोह अपना सामान और सेवाए ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पंहुचा पाए यही चैम्प कैश की सफलता की कहानी का एहम हिस्सा है 1 मोबाइल एप्लीकेशन को जब कोई चैम्प कैश उपभोक्ता अपने फ़ोन मैं डाउनलोड करता था तो उसमे कुछ और विज्ञापन देने वाली एप्लीकेशन डाउनलोड करनी होती थी उसके बदले कंपनिया चैम्प कैश को हर एप्लीकेशन के डाउनलोड होने पर कुछ रकम देती थी जो 40- 200 रूपये के बीच मैं होती थी यानि अगर चापम कैश के `1 लाख उपभोक्ता किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करते थे और 1 एप्लीकेशन के बदले विगापन कंपनी 100 रुपया देती थी तो चैम्प कैश को १ करोड़ रूपये की आमदनी होती थी और इस पैसे का बड़ा हिस्सा चैम्प कैश अपने उपभक्ताओ मैं उनके लेवल के हिसाब से बाँट दिया करती थी जिससे लोग बिना कुछ लगाये हजारो लाखो रूपये चैम्प कैश एप्लीकेशन से कमा रहे थे|

mahesh_verma_champ_cash_died
mahesh_verma_champ_cash_died

यह बात देखने और सुनने मैं जितनी आसान लग रही है उतनी आसान है नहीं क्योकि इस्सी तरह काम करने वाली हजारो लाखो एप्लीकेशन मोबाइल मै मोजूद है पर क्योकि इनमे बिना पैसा लगाये पैसा कमाने का रास्ता है तो पैसे बहोत कम और धीरे धीरे आते है तो ज्यादातर लोग इन्समे रूचि नहीं लेते न ही इस बात को स्वीकार करते की बिना पैसे लगाये भी पैसा आ सकता है, यह महेश वर्मा का जुनून और संकल्प ही था जिसने उनको एक बेहद मुश्किल काम को जरी रखा | क्योकि एप्लीकेशन बनाने मैं ही लाखो रूपये की लगत आती है फिर उसको मेन्टेन करना सर्वर सिक्यूरिटी करना विज्ञापन देने वालो से नए कॉन्ट्रैक्ट करना और साथ साथ अपनी आप्लिकतिओन का विस्तार करना यह सब काम अकेले महेश वर्मा ने अपनी छोटी सी उम्र मैं कर दिखाया|

महेश वर्मा से साथ बिताये हे 3 घंटो के सार को अगर मैं अपनी भाषा मैं कहू तो तो वोह एकदम सरल और मिलन सार इंसान था अपनी बात को साफ और सही तरीके से प्रस्तुत करता था अपने काम के प्रति पूर्ण रूप से फोकस था और चैम्प कैश को दुनिया के शिखर पर पहचानने की चाहत उसके अन्दर कूट कूट के भरी थी |

mahesh_verma_champ_cash_death
mahesh_verma_champ_cash_death

महेश वर्मा जैसे विरले यदा कदा ही धरती पर आते है, मैं नेटवर्क मार्केटिंग मैं उनके योगदान को नमन करता हूँ, आज इस बेहद दुःख की घडी मैं मेरी संवेदनाये महेश वर्मा के परिवार के साथ है और उन लाखो करोडो लोगो के साथ है जो चैम्प कैश के साथ जुड़े हुए है | महेश वर्मा का जीवन नेटवर्क मार्केटिंग के युवाओ के लिए प्रेरणा स्रोत्र है| ईश्वर महेश वर्मा की आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को चैम्प कैश को नयी बुलंदियों पर ले जाने के लिए साहस दे|

Filter:AllOpenResolvedClosedUnanswered
AnsweredRAMESH​ RAMAN asked 3 months ago • 
108 views1 answers0 votes
OpenPankaj kumawat asked 3 months ago • 
132 views0 answers0 votes
AnsweredVIJAY asked 6 months ago • 
165 views1 answers0 votes
AnsweredMeeghu eo asked 6 months ago • 
110 views1 answers0 votes
AnsweredAkash yadav asked 7 months ago • 
583 views1 answers0 votes
OpenNhl asked 7 months ago • 
206 views0 answers0 votes
AnsweredA K Jena asked 7 months ago • 
171 views1 answers0 votes
AnsweredShyam Sundar asked 8 months ago • 
326 views2 answers0 votes