चीन ने क्रिप्टोकरेंसी को अवैध घोषित करने के फैसले से भारत में भारी उतार चढ़ाव

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चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा सभी क्रिप्टोकरेंसी को अवैध घोषित करने के बाद शुक्रवार और शनिवार को क्रिप्टोकरेंसी मार्किट में भरी गिरावट देखी गयी । ज्यादातर भारतीय क्रिप्टो निवेशक छोटी क्रिप्टोकरेंसी में अपने कोइन्स और टोकंस को बेचने लिए दौड़ पड़े, जबकि अन्य ने बिटकॉइन (Bitcoin), रिप्पल (Ripple ) और एथेरियम (ETH ) जैसे सुरक्षित माने जाने वाले क्रिप्टो में निवेशित कर लिया | 

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मत अनुसार पिछले दो दिनों में टॉप इंडियन एक्सचेंज जैसे wazirx और coindcx में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम करीब 40-50 पर्सेंट बढ़ा गया है। छोटी क्रिप्टो मुद्राओं को बेचने के लिए जल्दबाजी देखी गयी ऐसे ज्यादातर मामलों में छोटी क्रिप्टो मुद्राओं को बेचने का पुराना इतिहास है परन्तु काफी निवेशक इसे एक मौक़े की तरह देख रहे है और ज्यादा पैसा बनाने का आंकलन कर रहे है ।

क्रप्टो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स अरुण अग्रवाल के अनुसार अनुभवी निवेशक अपेक्षाकृत शांत थे और नए निवेश के मौके देख रहे है, और काफी नए निवेशक भी क्रिप्टो ट्रेडिंग अकाउंट खोलने में के लिए उत्सुक है | क्रिप्टोकुरेंसी बाजार में निवेश करने के लिए उन्होंने wazirx और zebpay में खोलने की सलाह दी बीजिंग से आये समाचार चिंताजनक है परन्तु क्रिप्टोमार्केट इसको काफी आसानी से पचा लेगी क्योकि चीन का मार्किट इसमें काफी नगण्य सा है ।

बाययूकोइन (BUYUCOIN ) क्रिप्टोकुरेंसी एक्सचेंज, के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवम ठकराल ने कहा, “हमने जो सबसे बड़ी बिक्री देखी है, वह सबसे बड़ा लाभार्थी है क्योंकि निवेशक मैटिक, कार्डानो, सोलाना, रिप्पल और इसी तरह की परि संपत्तियों में अपने निवेश को बढ़ाने की संभावना रखते हैं।” क्रप्टो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स एवं ट्रैकर्स ने कहा कि बिटकॉइन में भी बिकवाली देखी गई, केवल कुछ प्रतिशत निवेशकों ने सौदों को हल्का किया।

ज्यादातर मामलों में, निवेशकों ने छोटी क्रिप्टो संपत्तियों से USDT, बिटकॉइन, रिप्पल और एथेरियम पर स्विच किया।

भारतीय साल की शुरुआत से ही अपने पैसे का एक बड़ा हिस्सा बिटकॉइन में लगा रहे थे और यह बाजार हाल ही में बदल गया क्योंकि कई नए उम्र के निवेशकों ने शेयर बाजार की जगह क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार में प्रवेश किया।

छोटी क्रिप्टो परिसंपत्तियों में लेनदेन करने वाले एक्सचेंजों को चीन के प्रभाव के अस्थायी होने की उम्मीद है, हालांकि अगले कुछ दिनों में बाजार संभलने से पहले और अधिक गिरावट हो सकती है और यह निवेश का बेहतरीन मौका होगा 

 

डिजिटल एसेट ब्रोकरेज और एक्सचेंज बेक्वेंट के मुख्य कार्यकारी जॉर्ज ज़ारिया ने कहा, “चीन को बहुत मुखर बयानों और अभियोजन या पूर्ण रेडियो चुप्पी के साथ चरम पर जाने के लिए जाना जाता है।”

‘चीन क्रिप्टोकोर्रेंसी को मान्यता नहीं देगा’
चीन की सरकार ने बहुत स्पष्ट किया है कि चीन क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार के विकास का समर्थन नहीं करेगा क्योंकि यह पूंजी प्रवाह और बड़ी तकनीक पर नियंत्रण को कड़ा करने की अपनी नीतियों के खिलाफ जाता है| 

संस्थागत और बड़े क्रिप्टो उद्योग के लिए, यह ज्यादा नहीं बदलेगा क्योंकि जो लोग छोड़ सकते थे वे पहले ही छोड़ चुके हैं और जो बंद नहीं हो सकते थे या रडार के नीचे चले गए थे। खुदरा बाजार, सबसे अधिक संभावना है, रडार के नीचे चला गया है और बाजार की मात्रा का समर्थन करना जारी रखेगा – बॅंकेट बेर्रित।

चीन बिटकॉइन माइनिंग में दुनिया का सबसे बड़ा खिलाड़ी है, लेकिन अधिकांश चीनी बिटकॉइन माइनिंग फर्मों और व्यक्तियों ने अपने कार्यों को चीन से क्रिप्टो-फ्रेंडली देशों में पहले ही स्थानांतरित कर दिया है तो ज्यादा सम्भावना है की चीन के कड़े रुख का ज़्यादा बड़ा असर क्रिप्टो करेंसी मार्किट पर न पड़े| 

चीन ने पहले घोषणा की थी कि वह जल्द ही अपनी डिजिटल क्रिप्टो करेंसी लेकर आएगा। क्रिप्टो विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि चीन और अधिक कठोर कदम नहीं उठाएगा। “क्रिप्टो के खिलाफ चीनी केंद्रीय बैंक बहुत लंबे समय से पैरवी कर रहा है। बाययूकोइन (BuyUCoin) के ठकराल ने कहा, यह हालिया कदम कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात नहीं थी क्योंकि सभी ने इसे आते देखा था। “लेकिन हमें उम्मीद है कि चीन अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा और आगे बढ़ने वाले क्रिप्टो उत्साही लोगों के लिए एक स्वस्थ वातावरण तैयार करेगा।”

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